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हस्तलिखित जन्मपत्रिका बनाते हुए।ज्योतिषाचार्य चंदन धर द्विवेदी

हस्तलिखित जन्मपत्रिका बनाते हुए।
ज्योतिषाचार्य चंदन धर द्विवेदी

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वास्तु शास्त्र के अनुसार अतिथि का शयनकक्ष (Guest Bedroom)कहां और किस दिशा में होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के प्राचीन कृति मयमतम् ग्रंथ के अनुसार मित्र पद पश्चिम में स्थित है । अतिथि घर के अस्थायी निवासी होते हैं । वायव्य कोण (उत्तर एवं पश्चिम) दिशा गतिशीलता से संबंधित है! इसीलिए अतिथि शयनकक्ष वायव्य कोण में ही होना उपयुक्त है! मयमतम् ग्रंथ के अनुसार पश्चिम में मित्र देवता का पद  है।इसलिए अतिथि का शयनकक्ष वायव्य कोण में ही  उत्तम रहेगा।

हस्तरेखा शास्त्र हाथ की हथेली में जीवन रेखा( Life Line)कहां होती है? जीवन रेखा से हमें क्या क्या विचार करना चाहिए?

जीवन रेखा की पहचान:- जीवन रेखा हमारे हाथों की हथेली में बृहस्पति पर्वत की नीचे हथेली के बगल से उठकर तर्जनी और अंगूठे के बीच में से  प्रारंभ होकर शुक्र पर्वत को घेरती हुई मणिबंध पर जाकर विश्राम करती है। जीवन रेखा से हमें क्या क्या विचार करना चाहिए:- आयु का विचार,स्वास्थ्य का विचार, रोगों का विचार  पिता का बिचार आदि । Click to Visit our Official Website Click to Whatsapp

वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों का शयनकक्ष (Children's Bedroom) कहां और किस दिशा में होना चाहिए?

बच्चों का शयनकक्ष उत्तर अथवा वायव्य  (उत्तर एवं पश्चिम) दिशा में होना चाहिए। अन्य ग्रंथों के मत के अनुसार आग्नेय कोण में भी ऊर्जा का आधिव्य  होने से बच्चों का शयन कक्ष बनाया जा सकता है।